उद्धरण - 709
सहायता मुझे इसलिए चाहिए कि मेरा मन पक्का होता रहे कि कोई मुझे कुचले, तो भी मैं कुचली न जाऊँ और इतनी जीवित रहूँ कि उसके पाप के बोझ को भी ले लूँ और सबके लिए क्षमा की प्रार्थना करूँ। प्रतिष्ठा मुझे क्यों चाहिए! मुझे तो जो मिलता है, उसी के भीतर सान्त्वना पाने की शक्ति चाहिए।
Comments
Post a Comment