उद्धरण - 703

जो नहीं मिलता, उसके लिए तड़पता रहता है और जो मिला हुआ है, उसे छोड़ नहीं पाता, कहीं यह सब छोड़ जाने के बाद अफसोस ही हाथ न लगे- इसी भय से जहां-का तहां टिका रहता है।

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