उद्धरण - 697

विद्रोह ख़त्म करने के बाद अंग्रेज़ों ने पैतालिस लोगों को मार कर पेड़ों पर लटका दिया था। जिन्हें देख कर गांवों के लोगों में दहशत इस क़दर फैल गयी थी कि वे अपरम्पार दुख के बावजूद न बोल पा रहे थे न चीख़ पा रहे थे। उनकी ज़बान से शब्द तक नहीं निकल रहे थे। वे इधर से उधर पागलों की तरह चल रहे थे और हताश होकर बैठ जा रहे थे।

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