उद्धरण - 695

तुम लोगों के सोचने का तरीका कितना अलग है। हमलोग सचमुच बड़ी दौड़भाग में लगे हैं। जल्दी जल्दी यह पूरा करके वह शुरू करना चाहते हैं। इसी तरह दौड़ते-भागते अंत में कहां पहुंचेंगे- कई बार सोचता हूँ

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