उद्धरण - 679
मैं भी कल सारे समय यही सोचता रहा कि अगर आज जान बच गई, तो कल ही अपने देश लौट जाऊंगा। अपनी बूढ़ी मां के बारे में मैं सारे वक्त चिंता करता रहा। लेकिन हर आदमी को अपना काम पूरा करके ही लौटना होता है। न कहीं आना आसान है और न कहीं से जाना। तुम इतनी जल्दी हिम्मत कैसे हार सकते हो? मैं तुम्हें इस तरह जाने नहीं दूंगा।
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