उद्धरण - 662

उन्हें मनोरंजन की सामग्री कभी नहीं मिली थी, लेकिन उससे क्या उनकी चाह मर गई थी? अभी, क्षण-भर तक, वे स्वयं नाथ हैं, क्षण-भर बाद, जब अनाथ हो जायेंगे, तब पुकारेंगे कृष्ण को और माँगेंगे भीख--दुहाई देंगे हिन्दू धर्म की....

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