उद्धरण - 651

आज हमारे नेता बार-बार कहते हैं, हमारा विद्रोह केवल मात्र आर्थिक है। हमारे घर में रोटी नहीं है, रोजी हमें मिलती नहीं, हम भूखे हैं, इसलिए हम विद्रोही हैं। मैं समझता हूँ कि यह कहना क्षूद्रता है, अपना घोरतम अपराध् है।

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