उद्धरण - 638
हजूर, ये तोते जंगलों के रहने वाले हैं। आकाश के डकैत हैं; लेकिन इसीलिए इनका सुख-दुख, गाना-रोना सब आजादी के ही आसरे है। यहाँ इन्हें उसकी झलक भी नहीं मिलती। आप इनके रहने के लिए ऐसी जगह बनवाइए जहाँ सामने दीवार न हो, आगे खुला नजारा हो, ये सूर्योदय भी देख सकें और सूर्यास्त भी; उस आजादी से इनका नाता न टूटे जो इनका जीवन है ।
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