उद्धरण - 637

अपने से पूछता रह जाता था कि यह ठीक से होना, मौज से होना क्या चीज होती है! क्या बुआ प्रसन्न हैं? प्रसन्न हैं तो मैं इधर प्रसन्न क्यों नहीं हूँ ऐसा मन में उठता था और बैठ जाता था। कुछ काल बाद पता लगा कि उन्होंने एक मृत कन्या को जन्म दिया है।

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