उद्धरण - 632

मैं मान कर चल रहा हूँ कि आप दोनों छुटकारा चाहते हैं, नहीं तो अगर वह न चाहती हों और धर्म-परिवर्तन करने को तैयार हों तो आप कुछ नहीं कर सकते- यानी ऐसे स्मूथली नहीं हो सकता- फिर तो आप को ऐसे आरोप उन पर लगाने पड़ेंगे जो सच होने पर भी कोई स्त्री आसानी से न मानेगी- और झूठ हों तब तो...और यह तो सवाल ही दूसरा है कि वह कितनी क्रूरता होगी

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