उद्धरण - 627

शेखर ने घर के सब कमरों में से विदेशी कपड़े बटोरे, और नीचे एक खुली जगह ढेर लगा दिया। फिर लैम्पें लाकर उनपर मिट्टी का तेल उड़ेला; तेल का पीपा नौकरों के पास रहता था, वहॉ जाने की हिम्मत नहीं हुई, और आग लगा दी।

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