उद्धरण - 615
बंगाल में गोपीनाथ साहा ने आज के सोलह साल पहले टैगर्ट को मारने की कोशिश में किसी और को भूल से मार डाला था- सिर्फ अठारह साल की उम्र में टैगर्ट को मारने के लिए उसने अपनी जान दे दी। इतना ही नहीं, सुभाष बाबू के बड़े भाई शरत बाबू को टैगर्ट को मारने की योजना बनाने के लिए आठ साल पहले गिरफ्तार किया गया था।
कहते हैं कि आदमी कितना भी बदल जाए पर पूरी तरह नहीं बदलता। अब भी किशोर बाबू के दिमाग में स्कूल के इतिहास- मास्टर रघुनंदन मिश्र की बात बैठी हुई है कि बीते हुए कल को जाने बिना आज का कोई अर्थ पूरी तरह नहीं निकलता।
Comments
Post a Comment