उद्धरण - 585

पारस लोहे को भी कंचन कर देता है। सुगना हमारे भाग में न जाने कौन सा सराप है कि जो सोचें ठीक उसका उलटा होगा विपरीत घटेगा। हमारा दुर्भाग्य कोई पारस नहीं बदल सकता।

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