उद्धरण - 566

इसका तो अर्थ यही हुआ कि कोई भी व्यक्ति स्वंय अपनी प्रतिभा और महानता को पहचान नहीं सकता जब तक कि कोई प्रभावशाली एवं शक्तिशाली व्यक्ति उसे नहीं बताता और उस पर अपना वरदहस्त नहीं रखता!

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549