उद्धरण - 540
मेरा सिर्फ आइडिया होता था, दिमाग होता था, योजना होती थी, स्वप्न होता था, परिकल्पना होती थी, पूर्वानुमान होता था, आकलन होता था, हंच होता था, बाकी सब कदरोलकर का होता था। सारा ले आउट, सारा सम्पर्क, सारा कैलेण्डरप्लान, सारी दौड़ भाग, कंसल्ट्रंस या पैटीजॉबर्स के चुनाव से लगाकर फीसवसूली तक।
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