उद्धरण - 539

थाने में मोचनी थी इसका अर्थ यह हुआ कि पहले भी ऐसा कुकृत्य किया जा चुका है यदि नहीं किया गया तो आगे ऐसा इरादा होगा जो अब चरितार्थ होने जा रहा था। साम्राज्यवादी शासन के दौरान भीषण दमन एवं उत्पीड़न के अनेक अकल्पनीय वीभत्स मौलिक तरीके ईजाद किए गए जिनका पता क्रान्तिकारियों का इतिहास पढ़ने से होता है। इसलिए कैसे उनका रस्सा खोलकर जमीन पर पटका गया कैसे चार व्यक्तियों ने उनका एक-एक हाथ एक-एक पैर दबाए रखा और पाँचवें ने कैसे मोचनी से मूँछ का एक-एक बाल उखाड़ा-फिर उसके बाद कैसे गरीब राहगीरों को बुलाकर उनका पेशाब एक हँडिया में एकत्रित करके ढरके की मदद से उसे जबरदस्ती पिलाया गया इसका विस्तार से वर्णन करना जरूरी नहीं है।

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