उद्धरण - 533

बेटा चोरी का दुख डकैती से अधिक होता है। छल और बल का फरक रहता है दोनों में। सीना और पीठ का अन्तर। माँगा होता कि छीना होता गोविन्दसिंह ने तो इतेक टीस न होती। लड़ने-बचने का मौका भी मिलता।

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