उद्धरण - 531

स्वभाव से मुसलमान ’बुली’ (भभकियाँ देनेवाला) और हिन्दु कावर्ड (कायर) हैं। मैं मानता हूँ मुसलमानों ने अपने आक्रमणकारी ऐतिहासिक दौर में हिन्दुओं को बड़ी बुरी तरह से कुचला है। निरीह प्रजा का खूब मान-मर्दन भी उन्होनें किया था। हिन्दुओं में एक निष्ठामूलक समाज चारों वर्णो से ऐसा भी निकला जिसने अत्याचार का सामना करने के बाद भी अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक आन बनाए रक्खी।......देवी और हनुमान के सम्बन्ध में किसी कारण मुसलमानों में यह धारणा बँध गयी कि वे बड़ी जागृत शक्तियाँ हैं। चेचक के लिए खासतौर पर हिन्दुओं की शीतलामाता मुसलमानों की पूज्या हुईं। आँख दुखने पर मुसलमान लोग बोतलों में कालीजी का नीर भी ले जाते थे।

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