उद्धरण - 527
मक्खन लगाते-लगाते चाय के घूँटे लेती ममी के भी मिनट-मिनट में कपड़े उतर जाते हैं। एक बड़ा भारी सा रहस्य था जो उसे एकाएक ही पता लग गया है जैसे। पहले बड़ा डर लगा था फिर अजीब-सी घिन छूटी और अब गुस्से और घिन के साथ-साथ इच्छा हो रही है कि बार-बार उसी दृश्य को देखे।
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