उद्धरण - 523

बेटा बोने उगाने की तिसना ही तो किसान का पसीना नहीं सूखने देती। और जे तिसना ही न रहे तो किसनगत जैसा तप कैसे हो? फिर धरती पर पिरानी की जात सम्भव नहीं।

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