उद्धरण - 519
न कहीं जुलूस न कहीं आन्दोलन एक बाजार पर बिना किसी चेतावनी के तड़ातड़ गोलियाँ। कोई चावल के ढेर पर मरा है कोई ढेरों के बीच के रास्ते में। कोई सड़क के बीच में पड़ा है कोई नाली के किनारे। बाजार तो बन्द है दुकानदार भाग गए हैं समान जहाँ-के-तहाँ पड़े हैं। समस्या है लाशों की उनके रिश्तेदारों को बुलाकर अत्येष्टि कराने की। घायलों का उपचार जरूरी है।
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