उद्धरण - 513

ज्यादा याद नहीं करते किसी को। उसका मन बेचैन हो जाता है पराई देहती पर इस तरह नहीं जाते। दरोगिन आदर-मान देने से तो रहीं। मकरन्द को दुख दोगी तुम?...... मान रखना सीखो मन्दा। हमारे पास मान ही तो एक पूँजी है। वही हमारा बल है बिटिया।

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