उद्धरण - 505

कदरोलकर कहता था इस देश के लिए साम्प्रदायिकता से बीस गुना ज़्यादा बड़ा कैन्सर है नौकरशाही, लेकिन उसके खि़लाफ़ कोई नहीं बोलता। बोलना छोड़ो, सोचता तक नहीं।

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