उद्धरण - 502

तुम जानती हो अजय बहुत इगोइस्ट भी है और बहुत पजे़सिव भी। अपने-आपको पूरी तरह समाप्त करके ही तुम उसे पा सको तो पा सको अपने को बचाए रखकर तो उसे खोना ही पड़ेगा।

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