उद्धरण - 500

माँ बनने को औरत की सबसे बड़ी ख्वाहिश बताना और मातृत्व को खामखां गौरवमंडित करना एक बहुत बड़ा छल है जो सदियों से स्त्रियों के साथ किया जा रहा है। सच बात तो यह है कि गर्भधारण और मातृत्व स्त्री के पैरों की बेड़ी और उसके व्यक्तित्व का लगभग विसर्जन है- दुर्भाग्य से जिसका न कोई विकल्प है न उचित क़दर ।

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