उद्धरण - 484

क्योंकि उसके पास इसका कोई जवाब नहीं था और तब उसके दिमाग में पहली बार यह सवाल उठा कि एक औरत क्या अपना शरीर किसी ताकतवर मर्द को सौंपकर ही अपने को बचा सकती है? लेकिन कब तक? औरत क्या सिर्फ शरीर है वह अपने बूते पर अपने शरीर और मन की रक्षा नहीं कर सकती?

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