उद्धरण - 472
तुम बंटी पर इतना निर्भर करती हो उसे अपनी ज़िंदगी का केंद्र बनाकर जीना चाहती हो यही गलत है। केवल तुम्हारे लिए ही नहीं बंटी के लिए भी लेट हिम ग्रो लाइक ए बॉय लाइक ए मैन। सारे समय अपने में दुबकाए रखोगी तो क्या बनेगा उसका।..... तुम उस पर शायद इतना ज़्यादा हावी रही हो कि वह पूरी तरह लड़का बन ही नहीं पाया। तुमने उसे ऊधम करने ही नहीं दिया- हाँ औरतोंवाली ज़िद और रोना ज़रूर सिखा दिया।
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