उद्धरण - 468
लो कितनी भी जातना दे ली कुगत कर ली फिर भी प्रैम बयान बदलकर मानी। अरे जनी की जात के बिरोबर कोई मूरख भी नहीं होता और जो अकल पा जात तो आदमी को भंगी बनाकर रख दे। ..... प्यार-पिरीत में मारी जाती है बैयर। कहते हैं न कि जनी प्यार के पीछे और आदमी पैसे के पीछे पागिल हो जाता है।
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