उद्धरण - 464
रूस की मजदूर सरकार को बचाने के लिए हिटलर मुसोलिनी तोजो के खिलाफ लड़ना रूस के साथी अंग्रेज सरकार का साथ देना है। फिर आगे तो जापानियों का साथ देने के लिए सुभाष बाबू की निन्दा होने लगी।....... दुनिया के हर देश की अपनी परिस्थितियाँ हैं समस्याएँ है दूसरे देशों का आँख मूँदकर अनुकरण करने से हम अपनी परिस्थितियों पर विजय नहीं प्राप्त कर सकते। साम्यवाद कोई ऐसा साँचा नहीं है कि उसमें आसानी से दूसरे देश की जनता को कस दिया जाए।
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