उद्धरण - 461

और दूसरी बात हमने अपने लड़के से यह कही कि दूसरों की जानता नहीं पर अगर तू अपना उद्देश्य सिद्ध किए बिना इस घर में लौटा। तो तुझे जूते मारकर मैं घर से निकाल दूँगा। सत्य और आन पर घुटने टेक देनेवाले को मनुष्य नहीं मानता।

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