उद्धरण - 458

मन्दा जीवन हिसाब माँग रहा है हमसे। एक-एक छिन का हिसाब। बुरे और अच्छे करमों का लेखा-जोखा। बिटिया कुसुमा के रिनी जाएँगे हम सो दादा के टेर दो हमारे पास। हम एक ही अरज करना चाहते हैं कि हमारा हिस्सा कुसुमा के नाम लिखवा दें

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