उद्धरण - 421

न जाने कितने हिरनों और चीतलों को शिकारी लोग मारकर खा गये। शेर अपने कठघरे से बहकर बाहर चला आया और चिड़ियाघर के सब रखवालों की चिन्ता का कारण बन गया। उसे मारने की तदबीरें होने लगीं और अन्त मे जनसुरक्षा के नाम पर बाढ़ग्रस्त सिंह मार डाला गया।

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