उद्धरण - 407

बिरादरी के बंधन घुटन भी पैदा करते हैं और आवश्यक भी मालूम पड़ते हैं। जनसाधारण में हर व्यक्ति आमतौर पर यही शिकायत करता है कि दुनिया हमसे जलती है। ये अपना प्रदेश है यह पराया है ये अपना धर्म है वो पराया है- इस प्रकार औसत व्यक्ति अपने ही सुख-दुख हानि-लाभ स्वार्थ की दृष्टि से अपना सत्य पाता है और अपने सत्य को प्रतिष्ठित करने के लिए मार-काट मचाता है।

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