उद्धरण - 406

जैनेन्द्र अज्ञेय इलाचन्द्र ने व्यक्ति का मनोमंथन और यशपाल भगवतीचरण ने सामजिक-राजनैतिक दृष्टि से विचार-मंथन किया। अश्क नागार्जुन अदि इनके साथ हैं और समय इन सबके साथ आगे बढ़ा है।

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