उद्धरण - 395

गरीबी को ग्लोरिफाई क्यों किया जाय विपन्नता, असमर्थता या साधनहीनता को आदर्श का दर्ज़ा क्यों दिया जाए उसे एन्जॉय करना कौन सी मानसिकता है हर गरीब-विपन्न को ईमानदार और हर अमीर-सम्पन्न को बेईमान और मक्कार समझना कहाँ की समझदारी है।

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549