उद्धरण - 381

वह अपने-आपको उस कुएँ के मेढक की तरह सहमा-सहमा-सा महसूस करने लगा; जो किस्मत के डोल में पानी के साथ साथ ऊपर खिंच आया हो और एक नयी भव्य और अपरम्पार दुनिया में फेंक दिया गया हो।

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