उद्धरण - 377

बंटी को हॉस्टल भेजने की बात तो आपने कह दी पर कभी यह भी सोचा है कि उसे हॉस्टल भेजकर मैं कितनी अकेली हो जाऊँगी।....मुझे डर है शकुन कहीं तुम अपना अकेलापन ख़त्म करने के चक्कर में बंटी का भविष्य ही न ख़त्म कर दो। तुम्हारा यह अतिरिक्त स्नेह उसे बौना ही न छोड़ दें।

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