उद्धरण - 369

ये दोनों ही उन लोगों में से थे जो विवाह के बाद पत्नी को घर में राशन के बोरे की तरह पटककर निश्चिन्त हो जाते हैं और अपने कोटे से अधिक बच्चे पैदा करते हुए बाहर ऐश करते और गुलछर्रे उड़ाते हैं।

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