उद्धरण - 365

संभव है वही सिखा दे। सीखने में मदद तो कर ही सकता है। लेकिन क्या उसने सिखाया क्या उसने सीखने में मेरी मदद की....संडासी की जरूरत ही मानों नहीं थी। काग़ज़ के दो टुकड़ों से गरम बरतन आँच पर से उतार लिया जाता। बेडरूम में एक भी खूँटी नहीं थी। .....ओडोनिल हार्पिक आदि के अविष्कार की खबर अभी यहाँ तक नहीं पहुँची थी। धुले कपड़े सुखाने के लिए छत पर एक जंग लगा तार झूल रहा था। उसमें क्लिप नहीं थे।....सच बात तो यह है कि उसने मुझे सिखाया नहीं, धीरे धीरे अनुकूलित करने की कोशिश की। यदि उसे मूँग की छिलके वाली दाल और लौकी की सब्जी ही खानी है तो मेरे अलग से छोले-भटूरे बनाकर खाने का तो सवाल ही नहीं उठता।

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