उद्धरण - 348

कुछ बातें देखी जाती हैं कुछ सुनी जाती हैं कुछ दीवारें कहती हैं कुछ बिना सिर-पैर के हवा में उड़ती रहती हैं और कुछ के हम स्वंय भी गवाह होते हैं

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549