उद्धरण - 347

उसने कई बार अपने और अजय के संबंधों के रेशे-रेशे उधेड़े हैं- सारी स्थिति में बहुत लिप्त होकर भी और सारी स्थिति से बहुत तटस्थ होकर भी पर निष्कर्ष हमेशा एक ही निकला है कि दोनों ने एक-दूसरे को कभी प्यार किया ही नहीं।

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