उद्धरण - 342

उस दिन अजय के पास से लौटने पर वह बड़ी देर तक बंटी को दुलारती-पुजकारती रही थी मानों बंटी वहाँ से अकेला नहीं लौटा हो अपने साथ अजय को भी ले आया हो।

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