उद्धरण - 335

यह सब मेरे तब तक देखे हुए जीवन से इतना अलग था कि जिसे मैं ठीक से सोच ही नहीं पाती थी। अब तक जितने भी, लड़के मेरे दोस्त रह चुके थे या थे उनसे रोहित इतना अलग था कि यह विस्मयकारी भी था और आकर्षक भी। संभवत हमारी दुनिया से उसकी इतनी ज्यादा भिन्नता या विपरीतता ने ही मुझे उसके प्रति आकर्षित किया होगा।

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