उद्धरण - 88

कम्युनिज्म मुझे पसन्द नहीं है, यह ठीक है । राजनीति में वह आततायी हुआ है, दर्शन वह अधूरा और पंगु बनाने वाला है । और भारतीय कम्युनिज्म कदम -कदम पर देश विरोधी और परदेश-निर्देशित सिद्ध हुआ है ।

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