उद्धरण - 302

लिखा कि सेठ हरपालदास को उस ज़मीन की जरूरत है इसलिए आपको अपना समझकर ही उन्होंनें आपकी ज़मीन ले ली है। वे आपको उसका मुआवज़ा देने को भी राजी है। आप तो समाजवादी है; आपको ज़मीन की आवश्यकता नहीं और उन्हें है इसलिए उन्हें ले लेने दीजिए। आप तो महान् आत्मा हैं इतनी उदारता दिखला दीजिए।

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