उद्धरण - 295

शुरू से आखिर तक उसमें काम भावना का हौवा खड़ा किया गया था। जब पशु-पक्षी घास-पात खाकर पीड़ित रहते है तो अन्न मिर्च-मसाला; पूड़ी; हलवा आदि पकवान; मांस मछली जैसे तामसिक उत्तेजक खाद्य पदार्थ खानेवाले मनुष्य की क्या दशा होगी?

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