उद्धरण - 288

इस पूरी स्थिति की सबसे बड़ी विडंबना ही यह है कि इन संबंधों के लिए सबसे कम ज़िम्मेदार और सब से बेगुनाह बंटी ही इस टै्रजडी के त्रास को सबसे अधिक भोगता है।

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