उद्धरण - 283

जिंदगी को चलाने और निर्धारित करनेवाली कोई भी स्थिति कभी इकहरी नहीं होती उसके पीछे एक साथ अनेक और कभी कभी बड़ी विरोधी प्रेरणाएँ निरंतर सक्रिय रहती है।

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