उद्धरण - 246

महाराज, दोष तुम्हारा भी है और मेरा भी । राजा जब तक स्वयं जागरूक न हो तो राजकर्मचारी शिथिल हो जाते हैं, मुस्तैदी से काम नहीं करते ।

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549