उद्धरण - 205

विवेक से सत्य और असत्य का भेद खुल जाता है; वैराग्य से असत्य को परित्याग करने की शक्ति मिलती है । असत्य को छोड़ देने पर केवल सत्य ही बचता है; इसलिए कभी-कभी पुराण-ऋषियों ने असत्य का त्याग करने का ही उपदेश दिया है ।

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